Friday, 17 February 2017

पिता के आंखें भर आएंगी

एक पिता का प्यार अपनी बेटी के लिए:-   
मेरा बेटा तब तक मेरा है जब तक उसकी शादी न हो जाती और मेरी बेटी तब तक मेरी है जब तक मेरी मौत न हो जाती। पिता के लिए उसकी बेटी जितनी खास,जितनी स्पेशल होती है,उतना ही बेटी के लिए पिता भी खास होते हैं। दोनों के बीच की प्यार का कोई सीमा नहीं है। बेटी के पैदा होने से लेकर शादी करके उसकी विदाई करने तक एक पिता जितनी यादें बेटी के साथ बनाता है, उस हर एक लम्हे को याद करके वह आंसू भी बहाता है।इसीलिए  किसी ने कहा है की  हर  व्यक्ति  के  100  भाग्य  होते  है । पर  उन  100  भाग्यों  में  से  जब  1  भाग्य  अच्छा  होता  है  तब  उन  के  घर  पर  'लड़के'  का  जन्म  होता  है और जब  100  के  100  भाग्य  अच्छे  होते  तब  उन  के  घर  पर  'लड़की'  का  जन्म  होता  है ।इसीलिए  ऐसा  कहा  जाता  है  की, लड़का  तो  'भाग्य'  से  होता  है लेकिन  लड़की  'सौभाग्य'  से  होती  है । बेटी है तो कल है पराया धन होकर भी कभी पराई नही होती। शायद इसीलिए किसी बाप से हंसकर बेटी की, विदाई नही होती।"

***"हर बेटी के भाग्य में पिता होता है,पर हर पिता के भाग्य में, बेटी नही होती"***

Friday, 13 January 2017

जीवन का एक सच

इन्सान अपनी ईच्छाओं का त्याग करता है, और पुरी जिन्दगी नौकरी, ब्यपार और धन कमाने में बिता देता है। 60 वर्ष की ऊम्र के बाद, जब वो रिटायर्ड {Retired} होता है तो उसे उसका फन्ड {Funds} मिलता है। या बैंक  बैलेंस  होता हैं  तब तक जीवन  बदल चुकी होती है, परिवार को चलाने वाले बच्चे जाते हैं क्या इन बच्चों को इस बात का अन्दाजा लग पायेगा की इस फन्डया बैंक बैलेंस के लियेकितनी इच्छायें अधूरी रही होगी हैं?, कितनी तकलीफें झेली होंगी ?,कितनें सपनें अधूरे रहे होंगे?  अपनी सारी जिन्दगी घर से बाहर रहकर पैसे कमाने में लगा दी और जब वह कुछ करने लायक नहीं रहे तो अपने घर वापस जाते हैं। ऐसे पैसे किस काम के जिसे पाने के लिये पूरी जिन्दगी लगाई जाय और उसका इस्तेमाल खुद कर सके। “इस धरती पर कोई ऐसा आमीर अभी तक पैदा नहीं हुआ जो बीते हुए समय को खरीद सके।"हमेशा सकारात्मक सोच रखें और अपनी जीवन को अपनी तरह से अपने अंदाज में जियें। ------ये सब मैं ने कही पढ़ा था   

ये मेरा सोच है----"आपके के लिए कोई क्या सोचता हैं ये कोई मायने नही रखता हैं 
                           लेकिन आप आपने बारे में क्या सोचते ये मायने रखता है"